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पूज्य श्रद्धालुओं, धर्मानुरागी भक्तों तथा सेवा-साधकों को करबद्ध निवेदन है कि असम प्रदेश सरकार द्वारा वर्तमान प्रशासकीय परिस्थिति एवं सुरक्षा-विधान की दृष्टि से आवश्यक अनुमति इस समय प्रदान न किए जाने के कारण, हमारे द्वारा प्रणीत पवित्र महायज्ञ (11 दिसम्बर 2025) को अगामी शुभ मुहूर्त तक स्थगित किया जा रहा है।
हे भक्तजन!
यज्ञो वै विष्णुः — यज्ञ स्वयं भगवान का स्वरूप है,
अतः इसका संकल्प अचल, अविनाशी और अविरुद्ध है।
केवल काल-नियमन हेतु समय परिवर्तन किया गया है; यज्ञ का महत्त्व, प्रभाव और पुण्यफल अक्षुण्ण विद्यमान है।
आप सभी से विनीत प्रार्थना है—
श्रद्धां न त्यजेत्, विश्वासं न मुञ्चेत्।
अनुमतियों के पूर्ण होते ही नवीन तिथि विधिवत् घोषित की जाएगी।
यह धर्मकार्य किसी प्रकार निरस्त नहीं किया गया है।
अपितु, दैवीय संयोग व शासकीय विधानों की पूर्ण अनुकूलता प्राप्त होते ही, यह महायज्ञ पूर्ववत् वैदिक वैभव, मंत्र-गर्जना, आचार्य-वृन्द तथा समस्त अनुष्ठानों सहित सम्पन्न किया जाएगा।
हमारा विनीत निवेदन—
🔹 अपने श्रद्धा-भाव, सद्भक्ति और यज्ञ-व्रत के प्रति अटूट विश्वास को अक्षुण्ण रखें।
🔹 यह स्थगन केवल शासन द्वारा अपेक्षित विधिक औपचारिकताओं के कारण है।
🔹 यज्ञ की पवित्रता, महिमा तथा संकल्प-शक्ति ज्यों की त्यों स्थिर है।
ट्रस्ट यह आश्वासन देता है कि—
यज्ञ के समस्त वैदिक विधान एवं कर्मकाण्ड अद्बुद्ध गौरव के साथ यथाविधि सम्पन्न होंगे।
सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा एवं आध्यात्मिक उन्नति हमारा सर्वोपरि धर्म है।
परमेश्वर की कृपा से तथा सरकार की अनुमति प्राप्त होते ही नई तिथि शीघ्र घोषित की जाएगी।
अंत में, हम सभी भक्तजन से निवेदन करते हैं—
“धर्मो रक्षति रक्षितः”
अतः धर्मकार्य के प्रति अपना विश्वास सुदृढ़ रखें,
यज्ञ-संकल्प की ऊर्जा को मन, वचन और कर्म से निरंतर धारण करें।

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